Showing posts with label डायबिटीक फुटअल्सर. Show all posts
Showing posts with label डायबिटीक फुटअल्सर. Show all posts

Friday, 31 March 2017

डायबीटिक मरीजों में डायबिटीक फुट अल्सर

 बंजारे जी आज छः माह के बाद फॉलो अप में आये।  उनके पावों में बड़ा सा घाव बन गया है।  शुगर भी बढ़ा हुआ  है। हमारे सर्जन डॉ गंभीर सिंग ने उनका डेब्राइडमेंट प्लान किया है। इसी से ही उनके घाव के अंदर का मवाद बाहर आ पायेगा और इंन्फेक्शन ठीक हो सकता है।
कल ही इसी प्रकार डायबीटिक फुट अल्सर से पीड़ित एक महिला मरीज को डेब्राइडमेंट करने के बाद  हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया है।

इस प्रकार के फुट अल्सर डायबीटिक मरीजों में बहुत पाए जाते है।  इसके तीन प्रमुख वजह है।  पहला डायबीटीज में इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।  दूसरा संवेदना वाहक तंतुओं में विकार आ जाने से पावों में होने वाली सूक्ष्म चोट  या घाव का मरीज को पता नहीं चल पाता।  तीसरा  पावों की देखभाल सही तरीके से  मरीज नहीं कर पाते।

इसके बाद इलाज में देरी या लापरवाही से यह घातक रूप ले लेता है।

डायबीटिक मरीजों में डायबिटीक फुट अल्सर के लिए बालाजी हॉस्पिटल टिकरापारा में प्रति मंगल वार विशेष क्लिनिक लगती है। इसमे डायबिटिक एक्सपर्ट ,सर्जन, ओर्थपेडीक सर्जन ,और फिजियोथेरपिस्ट की विशेष सलाह मरीजों को दी जाती है।

BALAJI HOSPTIAL TIKRAPARA RAIPUR 9302091339 , 77475156 ,9329659049

घुटने के दर्द के लिए सावधानी जरुरी है

घुटनों के अंदरूनी या मध्य भाग में दर्द छोटी मोटी चोंटों या आर्थराईटीज के कारण हो सकता है| लेकिन घुटनों के पीछे का दर्द उस जगह द्रव संचय हो...